रायगढ़। जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित कंपनियों द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने कारखाना अधिनियम 1948 के तहत प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर आधे दर्जन से अधिक उद्योगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय रायगढ़ में पेश किया था। न्यायालय द्वारा सुनवाई उपरांत दोषी पाए गए कारखाना प्रबंधनों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, विभाग ने जिन कंपनियों पर कार्रवाई की है उनमें मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा. लि. पर 3 लाख 90 हजार,
एनआर इस्पात एंड पावर प्रा. लि. पर 1 लाख 60 हजार, स्काई एलॉयज एंड पावर लिमिटेड पर 2 लाख 40 हजार, सिंघल स्टील एंड पावर प्रा. लि. पर 12 हजार, बी.एस. स्पंज प्रा. लि. पर 2 लाख 10 हजार, शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड पर 50 हजार तथा जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड यूनिट-2 पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। बता दें की उद्योगों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कई श्रमिकों को अक्सर दर्दनाक मौत का सामना करना पड़ता है।
बताया गया है कि इन सभी कंपनियों में कारखाना अधिनियम के तहत श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों के अनिवार्य मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। रायगढ़ में औद्योगिक इकाइयों की भरमार के बीच दुर्घटनाओं की घटनाएं भी आम होती जा रही हैं। विभागीय जांच में पाया गया कि कई सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपकरण व्यवस्था संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा था।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का कहना है कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

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