दो साल बाद भी कई पात्र महिलाएं वंचित फॉर्म भरने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करे सरकार,
रायगढ़। राज्य सरकार की बहुप्रचारित महतारी पेंशन योजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। योजना का उद्देश्य समाज की सबसे कमजोर कड़ी निराश्रित, वृद्ध और विधवा महिलाओं सहित कमजोर तबकों की महिलाओं को आर्थिक संबल देना था, लेकिन अब यही योजना सरकार की नीतियों और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि महतारी पेंशन योजना में खुलेआम डाका डाला जा रहा है और गरीब महिलाओं को उनके वैधानिक हक़ से वंचित किया जा रहा है।

महतारी वंदन योजना को लेकर सरकार की नीतियों और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने कहा है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, लेकिन बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना मुख्यमंत्री आवास एवं अन्य योजना की तरह सतत रूप से चलने वाली है, तो छूटी हुई महिलाओं का पंजीयन भी लगातार होना चाहिए ताकि हर पात्र महिला जब चाहे योजना का लाभ ले सके।
उन्होंने कहा कि योजना को शुरू हुए लगभग दो वर्ष होने को हैं लेकिन एक बार पंजीयन के बाद अब तक छूटी हुई महिलाओं के फॉर्म नहीं भराए गए हैं। इसके कारण हजारों महिलाएं योजना से बाहर रह गई हैं। वर्तमान में इन दो वर्षों में कई शादीशुदा महिलाएं भी लाभ से वंचित है। वहीं ऐसी महिलाएं जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण विवाह नहीं कर पाईं तथा ईश्वर ने जिनमे शारीरिक संरचना में कोई कमी कर दी हो और जिनका विवाह नहीं हो सका उन्हें भी इस योजना के दायरे में लाना चाहिए।
सलीम नियरिया ने कहा कि सरकार द्वारा योजना के माध्यम से महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने की बात कही जाती है और हजार रुपये की सहायता को जीवन बदलने वाला बताया जाता है, लेकिन जब पात्र महिलाओं तक लाभ नहीं पहुंच रहा है तो यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आती है। उन्होंने यह भी कहा कि कहीं 500 रुपये और कहीं 1000 रुपये मिलने की स्थिति से भी भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि योजना के लिए पर्याप्त बजट या व्यवस्था नहीं थी तो इसे लागू करने से पहले स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए थी। बड़ी संख्या में महिलाएं आज भी इस योजना के लाभ का इंतजार कर रही हैं और खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियरिया ने यह भी आरोप लगाया कि यह कोई तकनीकी खामी नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा बंदरबाट है। उन्होंने कहा कि राज्यभर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि पंजीकृत महतारी पेंशन योजना की लाभार्थी महिलाओं को पूरी राशि नहीं दी जा रही। कई महिलाएं बैंक और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा। सभी महतारियों को योजना अंतर्गत पूरा हजार रु की राशि मिले। पेंशन धारी महिलाओं जिन्हें 1500 रु की जगह हजार रु मिल रहे उन्हें महतारी वंदन मिलाकर पूरे 1500 रु शासन को देना चाहिए।
सलीम नियरिया ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द छूटी हुई सभी पात्र महिलाओं को महतारी वंदन योजना में जोड़ा जाए। पंजीयन प्रक्रिया पुनः शुरू की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि घोषणा के अनुरूप हर पात्र महिला को समान रूप से योजना का लाभ मिले ताकि वास्तव में उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके और योजना का उद्देश्य पूरा हो और सतत रूप से लगातार योजना के फॉर्म भराए जाने चाहिए। जिस तरह पेंशनधारी महिलाओं को 1500 रु की जगह हजार रु दी जा रही है इससे भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर नजर आता है।

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