रायगढ़। जिले में उद्योगों की मनमानी पर जोरदार कार्रवाई करते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने बड़ी जांच के बाद कई मामलों को श्रम न्यायालय में पहुंचाया, जहां सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स श्री रूपनाथम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 8,00,000 रुपये का सर्वाधिक जुर्माना ठोंका गया। इसके बाद मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा.लि. पर 5,90,000 रुपये और मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4,20,000 रुपये का भारी अर्थदंड लगाया गया है। उद्योगों पर इतने भारी भरकम जुर्माना बताता है कि इन उद्योगों पर मामली जुर्माना कोई मायने रखता है और उद्योग संचालन में इनकी मनमानी कितनी हद तक बढ़ गई है।

कार्यालय उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ की जांच में सामने आया कि इन उद्योगों द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, श्रमिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नियमों की अवहेलना प्रमुख खामियों में शामिल रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषी पाए गए उद्योगों पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारी-भरकम जुर्माना लगाया। मेसर्स श्री रूपनाथम स्टील प्राइवेट लिमिटेड पर 8,00,000 रुपये, मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा.लि. पर 5,90,000 रुपये और मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4,20,000 रुपये इनके अलावा मेसर्स श्याम इस्पात प्रा.लि. पर 50,000 रुपये तथा मेसर्स मां काली एलॉयज उद्योग प्रा.लि. पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इन पांच उद्योगों पर 18 लाख 85 हजार रु का जुर्माना ठोका गया है।

यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उद्योगों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, यह भी सामने आता रहा है कि कई उद्योग जुर्माना भरने के बाद फिर से नियमों को ताक पर रख देते हैं, जिसके चलते ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहती है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई को उद्योगों के लिए कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

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