रायगढ़।
कांग्रेस के आंदोलन के दिन ही भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस के आंदोलन पर आरोपों की झड़ी लगा दी।
छत्तीसगढ़ शासन में वित्त मंत्री रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने आज जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा की कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस शासन काल में जारी किए,कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज के बारे में बताया। और कहा की पुत्र मोह और अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस शासन काल की गलतियों को क्या भाजपा सरकार सुधारेगी इसका गोलमोल जवाब दिया।

कांग्रेस के भूपेश बघेल शासनकाल के पाँच वर्ष में शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं,और बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है। अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेश जी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं।
ओपी चौधरी ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई। महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।
ओपी चौधरी से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस शासन काल में पेड़ कटाई पर्यावरणीय किलियरेंस की सहित जो आदेश जारी हुए थे क्या प्रदेश की भाजपा सरकार उन सभी आदेशों को सिरे से जनहित निरस्त करेगी इस पर रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ओपी चौधरी बड़ी की राजनीतिक वाकपटुता का इस्तेमाल करते हुए बातों को घुमाया और कहा कि आने वाले समय में सरकार इस पर फैसला लेगी।
भाजपा का कांग्रेस से ये सवाल /-
– क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे?
– क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।
– क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?
* जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

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