रायगढ़। जिले में श्रम कानूनों के उल्लंघन पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद श्रम न्यायालय रायगढ़ ने चार अलग-अलग मामलों में कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है।

कार्यालय उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कारखानों में निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों के आधार पर कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के तहत प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे। इन मामलों का निराकरण फरवरी 2026 में किया गया।
पहले मामले में मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. ग्राम पोस्ट-सराईपाली के कारखाना प्रबंधक को कारखाना अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाते हुए श्रम न्यायालय द्वारा 2.30 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। दूसरे प्रकरण में मेसर्स अजय स्टील एंड पावर प्रा.लि., ग्राम-पाली के कारखाना प्रबंधक वीर विक्रम सिंह को विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर कुल 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार तीसरे मामले में मेसर्स विष्णु ब्रिक्स इंडस्ट्रीज, उपरकछार, फरसाबहार के प्रबंधक को कारखाना अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन पर श्रम न्यायालय द्वारा 3.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में मेसर्स इंड सिनर्जी लिमिटेड, ग्राम कोटमार, जिला रायगढ़ तथा मेसर्स ए.जी. कंस्ट्रक्शन महापल्ली लोइंग के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 1996 तथा इसके तहत बनाए गए नियम 2008 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय रायगढ़ ने प्रकरण में 8,000- 8000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सेवा शर्तों से जुड़े नियमों के पालन में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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