Friday, August 28, 2026
Homeआम मुद्देपर्यावरण नियमों की अनदेखी पर बड़ा सवाल.... 14 सितम्बर 2006 की अधिसूचना...

पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर बड़ा सवाल…. 14 सितम्बर 2006 की अधिसूचना के अनुरूप जनसुनवाई नहीं….सरकार ने औपचारिकता निभाई… NGT में निरस्त हो सकती है पर्यावरण स्वीकृति….इस पर उठाया बड़ा सवाल आखिर ग्रामीणों का …..

 

 

रायगढ़/तमनार।
तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना को लेकर जिस जनसुनवाई का इंतजार प्रभावित ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों को था, वह अपने मूल स्वरूप में कभी हुई ही नहीं। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (MoEF) की 14 सितम्बर 2006 की ऐतिहासिक अधिसूचना Environmental Impact Assessment (EIA) Notification–2006 स्पष्ट रूप से बताती है कि किसी भी बड़े औद्योगिक, खनन या अवसंरचनात्मक प्रोजेक्ट के लिए खुली, पारदर्शी, सबके लिए सुलभ और बिना दबाव के जनसुनवाई अनिवार्य है।

लेकिन धौराभांठा में सरकार और जिला प्रशासन द्वारा जिस तरह से “जनसुनवाई” की औपचारिकता पूरी की गई, उसने इस अधिसूचना की आत्मा को तार–तार कर दिया। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि न तो वास्तविक सहभागिता सुनिश्चित की गई, न संपूर्ण पर्यावरणीय प्रभाव का खुलासा किया गया और न ही परंपरागत रूप से प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों को बोलने का अवसर दिया गया।

औपचारिकता में बदली जनसुनवाई, नियमों की खुलेआम अवहेलना

ग्रामीणों का दावा है कि प्रशासन ने जनसुनवाई की तारीख तय कर दी, मंच सजा दिया, लेकिन जिस वृहद जनभागीदारी और सार्वजनिक विमर्श की अपेक्षा होती है, वह कहीं दिखाई नहीं दिया।
– गांवों में उचित सूचना प्रसार नहीं
– EIA रिपोर्ट की प्रति लोगों को उपलब्ध नहीं
– प्रभावित महिलाओं, किसानों व पंच–सरपंचों को बोलने का मौका नहीं
– भारी पुलिस दबाव में आयोजित कार्यक्रम
– पर्यावरणीय खतरे और विस्थापन पर वास्तविक चर्चा नहीं

इन सबके बीच सरकार ने काग़ज़ी खानापूर्ति कर दी और दफ्तरों में फाइलें आगे बढ़ा दीं।

विशेषज्ञों की चेतावनी — “NGT में नहीं टिकेगी यह पर्यावरण स्वीकृति”

पर्यावरण कानून विशेषज्ञों और अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि EIA Notification 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। नियम कहता है कि—

1. जनसुनवाई जनता की खुली भागीदारी के साथ होनी चाहिए।

2. पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट पहले से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

3. प्रभावित समुदाय की आपत्तियों को दर्ज कर मंत्रालय को भेजना ज़रूरी है।

 

यह सभी बिंदु धौराभांठा में संदिग्ध रूप से अनुपस्थित दिखाई दिए।

अब कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह मामला नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) पहुँचा, तो इतनी स्पष्ट प्रक्रियागत खामियों के बाद परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति निरस्त होना तय है।

ग्रामीणों का पक्ष — “यह जनसुनवाई नहीं, कंपनी की औपचारिक रस्म थी”

14 गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि जब लोग अपनी बात रखने पहुँचे, तो उनकी आवाज़ को दबाया गया।
एक ग्रामीण ने कहा—
“जनसुनवाई नाम की कोई प्रक्रिया चली ही नहीं। यह सिर्फ कंपनी और प्रशासन द्वारा टिक मार्क लगाने की रस्म थी। ऐसे में हमारी बात देश के कानून और NGT तक जरूर पहुंचेगी।”

स्थानीय स्तर पर बढ़ रहा अविश्वास

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की मंशा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पर्यावरण, जल स्रोतों, कृषि, वनाधिकार और विस्थापन जैसी गंभीर समस्याओं से जुड़े सवालों पर चर्चा तक नहीं हुई, तो यह जनसुनवाई संवैधानिक दायित्व का अपमान है।

धौराभांठा में जिस तरह जनसुनवाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है, वह न केवल EIA अधिसूचना 2006 के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि न्यायिक जांच की मांग भी करता है।
यदि प्रशासन ने पारदर्शिता और जनता की भागीदारी को नज़रअंदाज़ किया है, तो यह मामला निश्चित रूप से NGT में टकराएगा, और कानूनी तौर पर पर्यावरण स्वीकृति के निरस्त होने की संभावना अत्यधिक प्रबल है।

RELATED ARTICLES

30,000 टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र 100% हरित ऊर्जा से संचालित होगा…वायर एवं केबल, पॉलिमर इंसुलेटर, थर्मल इंसुलेशन और ईवी क्षेत्र की बढ़ती...

  बेलगावी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कर्नाटक के बेलगावी में देश का पहला सुपरफाइन PPT ATH (Precipitated Aluminium...

मेगा हेल्थ कैंप एवं रक्तदान कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ… अतिथियों ने कहा इस तरह के...

    रायगढ़। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के विलादत दिवस जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, रायगढ़ एवं जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कमेटी,...

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी छत्तीसगढ़ से जिले की शिक्षिका सुनीता यादव ….छत्तीसगढ़ से एक मात्र इसलिए हुआ चयन …

  सारंगढ़ बिलाईगढ़/ राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन किया गया है। उन्हें शिक्षक...

देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा….कलेक्टर से मुलाकात कर कॉलम एक करने की मांग… कहा अंग्रेजों ने साज़िश...

      रायगढ़। छत्तीसगढ़ यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने  कलेक्टर से मुलाकात कर आगामी जाति जनगणना में यादव समाज की विभिन्न उपजातियों को अलग अलग दर्ज...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments