रायगढ़।
रायगढ़ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए लंबे समय से बेखौफ होकर संचालित हो रहे फर्जी मैट्रिमोनियल और साइबर ठगी के संगठित गिरोह पर कड़ी नकेल कस दी है। लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहे इस हाई-टेक गोरखधंधे का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक साथ 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वैध सेवाओं का मुखौटा लगाकर अंदर ही अंदर ठगी का जाल बिछाए हुए था। कॉल सेंटर, फर्जी प्रोफाइल, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों को शादी के नाम पर फंसाया जाता और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे वसूले जाते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इतने संगठित तरीके से काम कर रहे थे कि उन्होंने पूरे सिस्टम को एक प्रोफेशनल नेटवर्क का रूप दे दिया था। यहां तक कि भोली-भाली युवतियों को भी इस अवैध कारोबार में झोंक दिया गया, जिससे उनका भविष्य भी खतरे में डाला गया।
7 हजार से अधिक लोगों को शादी जैसे संवेदनशील रिश्ते के नाम पर ठगना कोई साधारण अपराध नहीं बल्कि समाज की भावनाओं के साथ एक संगठित और निर्मम खिलवाड़ है। इस गिरोह ने जिस तरह भरोसे, रिश्तों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया वह साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
ऐसे जटिल और हाई-टेक नेटवर्क का पर्दाफाश करना निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती थी, जिसे रायगढ़ पुलिस ने बखूबी निभाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के कुशल नेतृत्व, सटीक रणनीति और मजबूत मॉनिटरिंग के चलते इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ संभव हो सका।
यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के हौसले पस्त करने वाली है, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाती है कि कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकता। विशेष रूप से जिस तरह से पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इतने बड़े नेटवर्क की जड़ तक पहुंच बनाई, वह आधुनिक पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस कार्रवाई को निश्चित रूप से एक “मॉडल केस” के रूप में देखा जा सकता है, जो भविष्य में साइबर अपराधों के खिलाफ एक मजबूत मिसाल बनेगा।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, प्रिंटर सहित भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं। अब तक की जांच में 7,693 लोगों से करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है, जो इस गिरोह के व्यापक और खतरनाक नेटवर्क को उजागर करता है।
इस पूरे ऑपरेशन को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशन में अंजाम दिया गया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रोफेशनल तरीके से काम करते हुए इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश:
रायगढ़ में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। साइबर ठगी जैसे अपराधों में शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी शातिर क्यों न हो। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर बनाए हुए है।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधी कितने भी संगठित या हाईटेक क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस पूरी सख्ती और सजगता के साथ काम कर रही है।

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