Saturday, June 13, 2026
Homeआम मुद्देपड़ीगांव धान मंडी का अमानवीय फरमान अपाहिज किसान को धमकी देकर लौटाया...

पड़ीगांव धान मंडी का अमानवीय फरमान अपाहिज किसान को धमकी देकर लौटाया गया धान ….टोकन कटने के बाद भी बिक्री से रोका गया, धान जप्त करने की धमकी से डरा किसान खाली हाथ लौटा

 

गरीब पर सख़्ती, कोचियों पर मेहरबानी? मिक्स धान का आरोप लगाकर अपंग किसान को उसके अधिकार से किया वंचित

पुसौर/ रायगढ़।

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुसौर तहसील के ग्राम पंचायत मचिदा, पोस्ट पडीगांव निवासी बामदेव प्रधान (पिता–पालेश्वर प्रधान) जो कि दोनों पैरों से अपाहिज है के साथ धान पड़ीगांव मंडी में ऐसा व्यवहार किया गया जिसने पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर कर दी है। किसान को मजबूरी में अपनी फसल को बिना बेचे वापस घर लाने को मजबूर किया गया।

अपाहिज किसान बामदेव प्रधान अपनी मेहनत से उपजाई गई 22.22 क्विंटल (एक ट्रॉली) शिल्टी धान लेकर समिति पहुँचे थे। गिरदावरी के आधार पर उन्हें विधिवत टोकन भी जारी किया गया, लेकिन मंडी अधिकारियों ने धान को मिक्स और पुराना बताकर खरीदने से इंकार कर दिया।

किसान का कहना है कि हार्वेस्टर से कटाई के दौरान हल्का-फुल्का मिक्स होना स्वाभाविक है, क्योंकि मशीन से कई किस्में कटती हैं। इसके बावजूद अधिकारियों ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि धान जप्त कर लिया जाएगा। एसडीएम स्तर से दबाव की बात कहकर किसान को डराया गया।

पड़ीगांव सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक की तानाशाही रवैया डर और भय के माहौल में, अपनी मेहनत की कमाई जप्त हो जाने की आशंका से सहमे अपाहिज किसान को मजबूरन पूरा ट्रॉली धान बिना बेचे वापस घर ले जाना पड़ा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ही फसल वाले गरीब किसान के पास ‘पुराना धान’ आखिर आएगा कहां से?
कभी कहा जाता है धान पूरी तरह सुखाकर लाओ, और जब किसान सुखाकर लाता है तो कहा जाता है कि यह पुराना और मिक्स है। आखिर किसान करे तो क्या करे?
आरोप है कि इस तरह की सख्ती केवल कमजोर और गरीब किसानों पर ही लागू होती है, जबकि बड़े व्यापारियों और कोचियों के धान में न गुणवत्ता देखी जाती है, न मिक्स का सवाल उठता है।

टोकन जारी होने के बावजूद धान न खरीदा जाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक अपाहिज किसान के अधिकारों का खुला हनन भी है। इस पूरे घटनाक्रम में किसान की कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब सवाल यह है कि क्या धान खरीदी व्यवस्था गरीब और असहाय किसानों को डराने का औज़ार बन गई है
और क्या प्रशासन इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा या यह अन्याय भी फाइलों में दफन हो जाएगा।

RELATED ARTICLES

उज्जवला में सब्सिडी की कटौती गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति और सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराने की योजना के नाम पर गरीब परिवारों...

      रायगढ़ ।  उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने केंद्र सरकार पर...

भ्रष्टाचार ऐसा कि “आटे में नमक मिलाया गया कि नमक में आटा मिलाया गया’ …..करोड़ो रुपए फूंक दिए तालाबों,टारें और जलाशयों के जीर्णोद्धार में…....

    रायगढ़ विधानसभा में सिंचाई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से तालाबों के जीर्णोद्धार में हुआ करोड़ों का घोटाला ? मांग है कि जांच बरसात से...

अपनी आत्मकथा के साथ “असमंजस बाबू” रायगढ़ के रंगमंच पर होंगे हाज़िर …. एकल नाटक के लगातार दो मंचन देख सकेंगे नाट्यप्रेमी…..इप्टा के आयोजन...

    हिंदी पट्टी के बेहद चर्चित नाटककार वरिष्ठ रंगकर्मी अख़्तर अली द्वारा 2002 में लिखे गये नाटक "असमंजस बाबू की आत्मकथा" का मंचन 9 जून...

उस्मान के प्रयास से घरघोड़ा बस स्टैंड में भी वाटर फ्रीजर की सौगात …. भीषण गर्मी में राहगीरों को बड़ी राहत 

    घरघोड़ा। भीषण गर्मी के बीच आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घरघोड़ा मुख्य बस स्टैंड में वाटर फ्रीज़र शीतल पेयजल की व्यवस्था...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments