Friday, August 28, 2026
Homeआम मुद्देपड़ीगांव धान मंडी का अमानवीय फरमान अपाहिज किसान को धमकी देकर लौटाया...

पड़ीगांव धान मंडी का अमानवीय फरमान अपाहिज किसान को धमकी देकर लौटाया गया धान ….टोकन कटने के बाद भी बिक्री से रोका गया, धान जप्त करने की धमकी से डरा किसान खाली हाथ लौटा

 

गरीब पर सख़्ती, कोचियों पर मेहरबानी? मिक्स धान का आरोप लगाकर अपंग किसान को उसके अधिकार से किया वंचित

पुसौर/ रायगढ़।

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुसौर तहसील के ग्राम पंचायत मचिदा, पोस्ट पडीगांव निवासी बामदेव प्रधान (पिता–पालेश्वर प्रधान) जो कि दोनों पैरों से अपाहिज है के साथ धान पड़ीगांव मंडी में ऐसा व्यवहार किया गया जिसने पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता उजागर कर दी है। किसान को मजबूरी में अपनी फसल को बिना बेचे वापस घर लाने को मजबूर किया गया।

अपाहिज किसान बामदेव प्रधान अपनी मेहनत से उपजाई गई 22.22 क्विंटल (एक ट्रॉली) शिल्टी धान लेकर समिति पहुँचे थे। गिरदावरी के आधार पर उन्हें विधिवत टोकन भी जारी किया गया, लेकिन मंडी अधिकारियों ने धान को मिक्स और पुराना बताकर खरीदने से इंकार कर दिया।

किसान का कहना है कि हार्वेस्टर से कटाई के दौरान हल्का-फुल्का मिक्स होना स्वाभाविक है, क्योंकि मशीन से कई किस्में कटती हैं। इसके बावजूद अधिकारियों ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि धान जप्त कर लिया जाएगा। एसडीएम स्तर से दबाव की बात कहकर किसान को डराया गया।

पड़ीगांव सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक की तानाशाही रवैया डर और भय के माहौल में, अपनी मेहनत की कमाई जप्त हो जाने की आशंका से सहमे अपाहिज किसान को मजबूरन पूरा ट्रॉली धान बिना बेचे वापस घर ले जाना पड़ा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ही फसल वाले गरीब किसान के पास ‘पुराना धान’ आखिर आएगा कहां से?
कभी कहा जाता है धान पूरी तरह सुखाकर लाओ, और जब किसान सुखाकर लाता है तो कहा जाता है कि यह पुराना और मिक्स है। आखिर किसान करे तो क्या करे?
आरोप है कि इस तरह की सख्ती केवल कमजोर और गरीब किसानों पर ही लागू होती है, जबकि बड़े व्यापारियों और कोचियों के धान में न गुणवत्ता देखी जाती है, न मिक्स का सवाल उठता है।

टोकन जारी होने के बावजूद धान न खरीदा जाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि एक अपाहिज किसान के अधिकारों का खुला हनन भी है। इस पूरे घटनाक्रम में किसान की कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब सवाल यह है कि क्या धान खरीदी व्यवस्था गरीब और असहाय किसानों को डराने का औज़ार बन गई है
और क्या प्रशासन इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा या यह अन्याय भी फाइलों में दफन हो जाएगा।

RELATED ARTICLES

30,000 टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र 100% हरित ऊर्जा से संचालित होगा…वायर एवं केबल, पॉलिमर इंसुलेटर, थर्मल इंसुलेशन और ईवी क्षेत्र की बढ़ती...

  बेलगावी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कर्नाटक के बेलगावी में देश का पहला सुपरफाइन PPT ATH (Precipitated Aluminium...

मेगा हेल्थ कैंप एवं रक्तदान कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ… अतिथियों ने कहा इस तरह के...

    रायगढ़। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के विलादत दिवस जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, रायगढ़ एवं जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कमेटी,...

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी छत्तीसगढ़ से जिले की शिक्षिका सुनीता यादव ….छत्तीसगढ़ से एक मात्र इसलिए हुआ चयन …

  सारंगढ़ बिलाईगढ़/ राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन किया गया है। उन्हें शिक्षक...

देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा….कलेक्टर से मुलाकात कर कॉलम एक करने की मांग… कहा अंग्रेजों ने साज़िश...

      रायगढ़। छत्तीसगढ़ यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने  कलेक्टर से मुलाकात कर आगामी जाति जनगणना में यादव समाज की विभिन्न उपजातियों को अलग अलग दर्ज...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments