Saturday, June 13, 2026
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चार श्रम संहिता के विरोध में हुआ धरना प्रदर्शन … संगठनों ने  ” संहिता” वापस लेने की मांग किया….ट्रेड यूनियन कौंसिल रायगढ़ और संयुक्त किसान मोर्चा रायगढ़ के तत्वाधान मे श्रम विरोधी अधिनियम के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया

रायगढ़. केंद्रीय श्रम संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान  पर  12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के परिपेक्ष्य में  ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के तत्वाधान में सत्ती गुड़ी चौक में धरना-प्रदर्शन कर चार श्रम संहिता के खिलाफ आवाज बुलंद  किया गया।

धरना प्रदर्शन में बिलासपुर डिविजनल इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन  एम.आर. एसोसिएशन, किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा,  जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा, प्रगतिशील पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन   बी. एस. एन. एल. एम्प्लॉयज एसोसिएशन, बैंक कर्मचारी संघ( रिटायर्ड)  इप्टा सहित विभिन्न जनसंगठनों की भागीदारी रही.कार्यक्रम की शुरुआत गगनभेदी नारेबाजी के साथ हुई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स), श्रमिक विरोधी नीतियों तथा महंगाई, बेरोजगारी,एवं सरकार के कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों, वर्तमान बजट में आम जनता, कर्मचारियों और किसानों की उपेक्षा के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।

वक्ताओं ने कहा कि नए श्रम कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे, स्थायी रोजगार की सुरक्षा घटेगी तथा निजीकरण और ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा।

सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां मजदूर, किसान, कर्मचारी और मध्यम वर्ग के हितों के प्रतिकूल हैं। वर्तमान बजट में सामाजिक सुरक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र और रोजगार सृजन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है।

साथ ही, ट्रेड बिल एवं कृषि संबंधी नीतियों से किसानों को संभावित नुकसान की आशंका व्यक्त की गई। सभी  वक्ताओ ने मांग की कि चारों श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए, प्रचलित श्रम कानून को यथावत रखा जाए,सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण रोका जावे,कर्मचारियों और मजदूरों के लिए जॉब सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा  को सुनिश्चित किया जाए,किसानों के हितों की रक्षा करते हुए कृषि एवं व्यापार नीतियों में आवश्यक सुधार किए जाएं,
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी, मजदूर, किसान एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.संयुक्त संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने श्रमिकों, किसानों और कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने किया तथा आए हुए प्रतिनिधियों का आभार प्रदर्शन श्याम जायसवाल सचिव ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ द्वारा किया गया.

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