जिले में एक ऐसा चेहरा जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है। बहू आयामी प्रतिभा के धनी हंसमुख मिलनसार उच्च महत्वाकांक्षी रामचंद्र शर्मा एक ऐसा चेहरा है जो न तो किसी परिचय का मोहताज है। आज जो मुकाम हासिल किया है। अपनी उच्च महत्वाकांक्षी स्वभाव और अपनी जीवटता की वजह से, जो चाहा पाया। हर क्षेत्र में उन्होंने अपनी एक अमिट छाप छोड़ी वह है रामचंद्र शर्मा।

आज 25 जुलाई को उनका जन्म दिन है और वे अपने जन्म दिन को हर वर्ष बड़ी सादगी के साथ अपने चाहने वालों के बीच मनाते हैं। ऐसे में उन्हें जन्म दिवस की बधाई देने और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित करने की मंशा से उनके व्यक्तित्व को लेकर जितना मैं जानता हूं और समझता हूं कागजों में शब्दो के रूप उकेर कर बधाई देना चाहता हूं।
छात्र जीवन से रामचंद्र शर्मा के साथ जुड़ा और तब से अब तक उनमें मुझे एक ही बात समझ आई जो करो दिल से करो और पूरी ऊर्जा के साथ करो, ताकि भीड़ में भी लोग तुम्हे अलग से पहचाना जा सके। इस चेहरे की आज हर क्षेत्र में डंका है किसी न किसी रूप में उन्हें जानते और पहचानते है, और यह हर कोई जानता है लेकिन हर कोई रामचंद्र शर्मा भी नहीं बन सकता है।
जिले ही नहीं वरन आसपास के जिलों में भी उनकी ख्याति है। एक शिक्षा विद के तौर पर एक मोटिवेशनल के तौर पर, खेल के क्षेत्र में हो जीवन के अन्य पहलुओं पर गौर करें तो यह एक ऐसी शख्सियत है जिसने जिस क्षेत्र में कदम रखा उसमें सफलता पाया, महज सिर्फ सफलता नहीं बल्कि एक चमकीली सफलता हासिल किया।

पुलिस में नौकरी करते हुए नक्सलियों के खिलाफ कई मोर्चों पर देश के लिए नक्सलियों से अपने साथियों के साथ मिल कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया। फिर नौकरी छोड़कर समाज के लिए कुछ करने की मंशा लिए संस्कार स्कूल की स्थापना किया, आज संस्कार स्कूल सिर्फ शिक्षा ही नहीं अपितु खेल के साथ प्रतिभा विकास के लिए भी जाना और पहचाना जाता है। यह उनकी उच्च महत्त्वाकांक्षा को दर्शाता है संस्कार स्कूल बहुत ही कम समय में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया। शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा संस्कार के बच्चे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं जो किसी से छुपा नहीं है।
इसके साथ ही उन्होंने समाज और शासन तंत्र के बीच आइना दिखाने अर्थात आम जन मुद्दों को उठाकर सरकार तक पहुंचाने की मंशा से एक अखबार क्रांतिकारी संकेत का शुभारंभ किया। तेजी से बदलते दौर में आज भी यह अखबार अपने मूल सिद्धांत से अलग नहीं हुआ और पत्रकारिता क्षेत्र में उसकी प्रासंगिकता कायम रखे हुए है। ऐसा नहीं है कि उनके जीवन में सबकुछ आसानी से हासिल हो गया कड़ी मेहनत के साथ उन्होंने एक लंबा संघर्ष का दौर भी गुजारा है। उनके संघर्षों के कुछ वर्षो का गवाह भी मेरे अलावा और कई हैं जिन्होंने उनके संघर्ष के दिनों को करीब से देखा है।
आज समाज में जिले में अपना जो मुकाम हासिल किया है वह अपनी कर्मठता जुनूनी स्वभाव और जिद्दी स्वभाव की वजह से प्राप्त किया है। कई मौकों पर यह भी देखने सुनने में आता है कि उन्हें राजनीत में कदम रखना चाहिए, ऐसा उन्हे करीब से जानने वालों के बीच अक्सर चर्चा आते हैं। जिस तरह से उन्होंने हर क्षेत्र में जमीन से जुडकर काम किया यदि वे राजनीत में रहते तो जमीनी स्तर पर जमीन से जुड़े रहकर आम जनता के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं में गिने जाते। यह मैं नहीं कहना चाहता हूं कि वे राजनीत में आएं लेकिन उनसे जुड़े हुए लोग और उनके जानने और मानने वालों में एक ऐसी भावनाएं जरूर हैं।
अंत में रामचंद्र शर्मा जी को आज उनके जन्म दिवस पर आपको जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई शुभ कामनाएं
शमशाद अहमद
पत्रकार

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