रायगढ़। राजा चक्रधर सिंह की सांस्कृतिक विरासत और रायगढ़ घराने के कथक की विशिष्ट पहचान को ओडिशा की धरा पर गौरवान्वित करते हुए रायगढ़ की बेटी स्मिधा रवानी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित नेशनल ब्रह्मा फेस्टिवल ऑफ डांस, म्यूजिक एंड फाइन आर्ट्स में स्मिधा ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिभागियों के बीच अपनी उत्कृष्ट नृत्य प्रतिभा और कला कौशल के दम पर यह उपलब्धि हासिल कर स्मिधा ने केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
कथक की समृद्ध परंपरा के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखने वाले रायगढ़ घराने की विरासत को स्मिधा ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत कर दिया। उनकी भावपूर्ण अभिव्यक्ति, आकर्षक पद संचालन, लय-ताल पर मजबूत पकड़ और नृत्य की बारीकियों ने प्रतियोगिता में उनकी अलग पहचान बनाई। पुरी की सांस्कृतिक धरती पर रायगढ़ घराने की कला का परचम लहराकर स्मिधा ने यह साबित किया कि राजा चक्रधर सिंह की सांस्कृतिक विरासत आज भी नई पीढ़ी के कलाकारों के माध्यम से देशभर में अपनी छाप छोड़ रही है।
गुरु श्रीमती सोमा दास श्री नटराज कला केंद्र से प्रशिक्षण और नृत्य साधना से जुड़ी स्मिधा रवानी की इस उपलब्धि को शहर के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। भरत रवानी एवं रूपाली रवानी की सुपुत्री स्मिधा ने अपनी इस सफलता से रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई दी है। इस उपलब्धि पर सलीम नियारिया, नीरज दीक्षित, राकेश शर्मा, ऋषी दुबे, कमलेश, कैरम क्लब संघ आदि ने बधाई दी है साथ ही उनकी उपलब्धि से शहर के कला प्रेमियों और नृत्य जगत में हर्ष का माहौल है।

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