सारंगढ़ बिलाईगढ़।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आगामी 5 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत आयोजित होने वाली इस सभा में ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष चर्चा कर संकल्प पारित किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों को कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने, सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। समाज के सभी वर्गों की अनिवार्य भागीदारी वाली इस ऐतिहासिक ग्राम सभा की फैसलों सहित 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ‘ग्राम सभा निर्णय’ ऐप पर अपलोड की जाएगी। इसके साथ ही पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक शपथ, श्रमदान और वृक्षारोपण जैसे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन “स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के मुख्य घटक के रूप में मनाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में “सम्पूर्ण स्वच्छता” हासिल करने के लिए जन भागीदारी को मजबूत करना है। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का विशेष ध्यान समुदाय के नेतृत्व में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जमीनी स्तर पर सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह प्राथमिकताएं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, विशेषकर ‘स्वच्छ और हरित ग्राम’ थीम के उद्देश्यों के अनुरूप हैं।
विशेष ग्राम सभा का मुख्य विषय, ग्राम सभा के दौरान जिन बिंदुओं पर व्यापक चर्चा, जागरूकता और संवेदीकरण किया जाएगा उनमें ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन : परिवारों के स्तर पर कचरे को 4 श्रेणियों (गीला, सूखा, सेनेटरी और हानिकारक) में अलग-अलग करने के लिए अनिवार्य परिवर्तन पर चर्चा। घरेलू और संस्थागत स्तर पर जैविक कचरे से खाद बनाने को बढ़ावा देना। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से कम करने के लिए जन-आंदोलन चलाना है।
जल संरक्षण अंतर्गत स्थानीय जल निकायों (तालाब, टैंक आदि) को कचरा डंपिंग से बचाना, सामुदायिक निगरानी व्यवस्था करना और जन-भागीदारी के माध्यम से जल निकायों की गाद निकालना। इसके साथ ही गाँव के स्तर पर जल संसाधन मानचित्रण करना। स्वच्छता एवं स्वच्छता नियम ग्रामीण स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के प्रति जागरूकता फैलाना, जन-भागीदारी एवं समावेशी अधिदेश, ग्राम सभा में समाज के सभी वर्गों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। विशेषकर निर्वाचित प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वच्छाग्रहियों, स्वच्छता कर्मियों, महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवारों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, स्कूल के बच्चों और शिक्षकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय जागरूकता गतिविधियां में ग्राम सभा के साथ-साथ सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी, जिसमें सामूहिक पर्यावरण शपथ ग्रहण समारोह, नुक्कड़ नाटक और रैलियों का आयोजन, सामुदायिक श्रमदान के माध्यम से गाँव के सार्वजनिक स्थानों, जल निकायों और साझा मैदानों की सफाई एवं वृक्षारोपण अभियान, लाउडस्पीकर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से प्रचार-प्रसार तथा दीवारों पर कचरा पृथक्कीकरण से संबंधित संदेश व पेंटिंग बनाना आदि शामिल है।

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