Tuesday, April 21, 2026
Homeआम मुद्दे500 एकड़ के चूना पत्थर खदान के विरोध में .....ग्रामीणों की एकजुटता...

500 एकड़ के चूना पत्थर खदान के विरोध में …..ग्रामीणों की एकजुटता के आगे झुका प्रशासन …. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण कड़कड़ाती ठंड में भी जनसुनवाई स्थल पर डटे रहे …. अधिकारी माइक थामे रहे …. एक भी ग्रामीण नहीं पहुंचा देने अपना अभिमत ..अपनी जमीन नही देने पर अड़े ग्रामीण …विधायक उत्तरी जांगड़े भी रही उपस्थित और जनपद अध्यक्ष ममता सिंह का ग्रामीणों को मिला सपोर्ट 

 

सारंगढ़।

500 एकड़ के विशाल क्षेत्र में चुना पत्थर खदान की जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीणों की एकजुटता अंततः काम आई और प्रशासन को जनसुनवाई निरस्त करना पड़ा। जनसुनवाई के लिए विरोध में डटे ग्रामीणों को विधायक सारंगढ़ और जनपद अध्यक्ष का पूरा सहयोग मिला और प्रशासन को घुटने टेकने पड़े।


सारँगढ़ विकासखंड़ के लालाधुरवा, जोगनीपाली, धौराभांठा, कपिस्दा “ब”, सरसरा के सैकड़ो ग्रामीणों के साथ सारँगढ़ विधायक उतरी गनपत जांगड़े और सारँगढ़ जनपद अध्यक्ष ममता राजीव सिंह सहित जनपद सदस्य एवम युवा कांग्रेस सारँगढ़ नगर में रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी करते विरोध प्रदर्शन किया आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे रहे।

ग्रीन सस्टेनेबल मैनुफैक्चरिंग प्रायवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित लाईम स्टोन खदान स्थापना के पूर्व दिनांक 24/09/2025 को जाने वाली जनसुनवाई के विरोध में क्षेत्रवासियों द्वारा आज प्रदर्शन, घेराव व जन आंदोलन करने के सम्बंध में कलेक्टर को सौपा ज्ञापन जिसमे ग्रीन सस्टेनेबल मैनुफैक्चरिंग प्रायवेट लिमिटेड द्वारा हमारे क्षेत्र में लाईम स्टोन खदान स्थापना हेतु भूमि अधिग्रहण करने के पूर्व क्षेत्रवासियों के कड़े विरोध के उपरांत भी औपचारिकता पूर्ण करने हेतु जनसुनवाई किए जाने जिला प्रशासन की पूरी टीम बैठी रही लेकिन एक भी ग्रामीण जनसुनवाई में हिस्सा नहीं लिया और अंततः प्रशासन को जनसुनवाई को निरस्त करना पड़ा।

 

ग्रामीणों का कहना है कि उक्त क्षेत्र के हम कृषकगण एवं आम जन, लाईम स्टोन हेतु अपना भूमि नहीं देना चाहते हैं और न ही किसी प्रकार से कोई उद्योग चाहते हैं। ज्ञापन मे उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र के किसान व आम जन के द्वारा जनसुनवाई के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर में एक याचिका प्रस्तुत किया गया है जिसका केस नंबर WPC 25753/2025 व प्रस्तुति दिनांक 18/09/2025 है, जिसकी सुनवाई होना वर्तमान में लंबित है तथापि याचिका के लंबनकाल में भी जनसुनवाई किया जा रहा है, जो कि न्याय सिद्धांत के विपरीत है।

 

वही ग्रामीणो ने बताया कि प्रभावित ग्राम अंतर्गत आने वाले ग्राम धौराभांठा स्थित अधिग्रहित भूमियों के संबंध में प्रकरण न्यायालय व्यवहार न्यायाधीश सारंगढ़ के समक्ष सिविल वाद क्रमांक ए/49/2023 के रूप में लंबित है तथा वाद भूमि के संबंध में न्यायालय द्वारा रोक लगाया गया है, जिसका भी सर्वे कंपनी के द्वारा किया गया है। फिर भी लाईम स्टोन खदान के स्थापना हेतु पर्यावरण विभाग द्वारा कंपनी का पक्ष लेकर व कंपनी के दबाव प्रभाव में आकर गलत सर्वे किया गया है, जिनके द्वारा तथाकथित अधिग्रहित भूमियों में लगे हरे-भरे खड़े वृक्षों की वास्तविक संख्या का जिक्र नहीं किया गया है और प्रभावित क्षेत्र में आने वाले स्कूल, मुक्तिधाम व अन्य निस्तारी व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में भी वस्तु स्थिति से समुचित रूप से अवगत हुये बिना जनसुनवाई कराई जा रही है जिसका ग्रामीणों द्वारा पुरजोर तरीके से विरोध किया।

 

मेसर्स ग्रीन सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग प्रा. लि. की प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध में बीते गुरुवार को जिलेभर में उबाल देखने को मिला। हजारों की संख्या में ग्रामीण तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसकी अगुवाई बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं ने की। महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जबरदस्ती जनसुनवाई आयोजित की, तो आंदोलन और उग्र रूप ले लेगा। उनका कहना था कि कंपनी को गांव में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर कंपनी को अंदरूनी संरक्षण देने और जनहित की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेड तैनात किए थे, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर घेराव कर दिया। बाद में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित जनसुनवाई को तत्काल स्थगित करने के साथ-साथ पूर्णतः निरस्त करने की मांग रखी थी। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि यह उद्योग स्थापित हुआ, तो आसपास की भूमि, जल स्रोत और वायु गंभीर रूप से प्रदूषित हो जाएंगे, जिसका सीधा दुष्प्रभाव स्थानीय जनजीवन, खेती-किसानी और पर्यावरण पर पड़ेगा।

टीबी मरीजों की संख्या से ग्रामीण सहमे
उधर टिमरलगा और गुडेली खदान क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खदानों से उठने वाली धूल और लगातार बढ़ रहा प्रदूषण स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है और कई परिवारों में नए टीबी मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की अत्यंत कमी है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले समय में स्थिति और भी विकराल हो सकती है।
ग्रामीणों के धरने के बाद जनसुनवाई स्थगित
खदान के लिए आज जनसुनवाई होना था। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। मौके पर पुलिस बल की भी तैनाती रही। भारी विरोध के बाद एसडीएम ने लिखित में सुनवाई निरस्त होने की जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीण धरने से हट गए। धौराभांठा, सरसरा, जोगनीपाली, कपीसदा ब, लालाधुरवा गांव की महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ और बुजुर्ग भी धरना प्रदर्शन में शामिल थे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) वर्षा बंसल ने ग्रामीणों को जनसुनवाई निरस्त होने की लिखित जानकारी दी।

RELATED ARTICLES

उठाईगिरी, लूट चोरी का अंतरराज्यीय सरगना का मुखिया पुलिस गिरफ्त में …इस तरह रखते अपनी पैनी नजर घटना कारित कर हो जाते थे दूसरे...

    रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय उठाईगिरी, लूट और चोरी करने वाले शातिर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल...

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का हमला भाजपा की मंशा पर सवाल परिसीमन के बहाने टाल रही लागू करना….. कांग्रेस की प्रेस वार्ता… कहा महिला...

    रायगढ़। महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने सोमवार को कांग्रेस भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता...

नवीन जिंदल के बाद, किरण बेदी वेदांता चेयरमैन के समर्थन में आईं, वेदांता को बताया ‘राष्ट्रीय संपत्ति’… पूर्व उपराज्यपाल एवं IPS अधिकारी किरण बेदी...

  *- नवीन जिंदल ने बेबुनियाद एफआईआर के खिलाफ CII, FICCI और अन्य संगठनों से आवाज उठाने का किया था आग्रह* -*23 मृतकों के परिजनों को...

पेंशनर्स एसोसिएशन की स्थापना के हुए एक वर्ष एकजुट होकर पेंशनर्स के हक़ के लिए बुलंद हुई आवाज… स्थापना दिवस पर कई अहम मांगें...

  रायगढ़। रायगढ़ में छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने अपने प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments