रायगढ़, 6 दिसंबर
पुलिस की अपराधी को उसके अपराध को लेकर कड़ी सजा दिलाने के लिए की गई सटीक विवेचना ने आरोपी को न्यायालय द्वारा सख्त सजा दी गई। समाज में भयमुक्त वातावरण देने में पुलिस की अहम भूमिका होती है अपराध कारीत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अक्सर मांग होती है और इसी कड़ी में अपराधिक मामले में पुलिस की सटीक विवेचना ने अपराधी को जेल की सीखचों के पीछे डालने में अहम भूमिका निभाई है। जिसकी वजह से न्यायालय द्वारा 10 वर्ष की सश्रम सजा से दंडित किया है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में कानून की सख्ती और सटीक विवेचना का एक और मजबूत उदाहरण सामने आया है, जहां तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया तथा वर्तमान में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने निष्पक्ष, वैज्ञानिक और प्रभावी जांच की गई, वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता ने सशक्त तर्कों, ठोस साक्ष्यों और प्रभावी जिरह के माध्यम से न्यायालय में मामला मजबूती से प्रस्तुत किया जिसके चलते अपराधिक मानववध के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेंद्र कुमार जैन के न्यायालय ने कल सत्र प्रकरण क्रमांक 114/2024 (थाना खरसिया अपराध क्रमांक 544/2024) में आरोपी कुशल चौहान पिता झाडूराम चौहान उम्र 41 वर्ष, निवासी बाम्हनपाली, थाना खरसिया को धारा 105 भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दोषसिद्ध कर 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹100 अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार 11 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत बाम्हनपाली के सरपंच पति दयाराम राठिया को सूचना मिली कि आरोपी ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी विमला खड़िया के साथ बेरहमी से मारपीट की है। आरोपी ने पत्नी को घसीटकर कमरे में ले जाकर बांस के डंडे से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों द्वारा डॉयल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद घायल महिला को सिविल अस्पताल खरसिया में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सूचना पर थाना खरसिया में मर्ग कायम कर आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा, खून से सने कपड़े जप्त किए, पटवारी नक्शा, गवाहों के कथन, फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर मजबूत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान 15 गवाहों के बयान कराए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी निरीक्षक कुमार गौरव साहू की विवेचना में हाल ही में थाना दीनदयाल नगर रायपुर के हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है, और अब इस अपराधिक मानववध प्रकरण में बैक-टू-बैक सजा दिलाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी दक्षता साबित की है इस सफलता को पुलिस विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Recent Comments