Friday, August 28, 2026
Homeआम मुद्देजल जीवन मिशन से बदली ग्राम किरीतमाल की तस्वीर...अब नहीं तय करनी...

जल जीवन मिशन से बदली ग्राम किरीतमाल की तस्वीर…अब नहीं तय करनी पड़ती लंबी दूरी, घर में मिल रहा स्वच्छ पानी….समय की बचत के साथ बेहतर हुआ ग्रामीण परिवार के लिए जल व्यवस्था

 

रायगढ़। जहां कभी हर सुबह पानी की चिंता के साथ शुरू होती थी, आज वही दिन सुकून, सुविधा और मुस्कान के साथ गुजर रहा है। यह बदलाव है ग्राम किरीतमाल के लोगों के जीवन में, जिनकी दिनचर्या जल जीवन मिशन के चलते पूरी तरह बदल चुकी है।


जिला रायगढ़ के विकासखंड खरसिया से लगभग 30 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में कुछ साल पहले तक पानी की भारी किल्लत थी। एक साधारण किसान परिवार की गृहिणी तनूजा यादव के लिए हर दिन की शुरुआत पानी की व्यवस्था से होती थी। गांव में कुछ सीमित हैंडपंप ही पानी का एकमात्र साधन थे, जिनसे पानी लाने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। कई बार दिन में दो से तीन बार चक्कर लगाना उनकी मजबूरी थी।

गर्मियों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। हैंडपंप सूख जाते, और जो चलते भी थे, वहां लंबी कतारें लगी रहती थीं। घंटों इंतजार करने के बाद भी पर्याप्त पानी मिलना मुश्किल होता था। इस रोज़मर्रा के संघर्ष ने न केवल उनका समय और ऊर्जा छीनी, बल्कि परिवार की दिनचर्या और बच्चों की पढ़ाई पर भी गहरा असर डाला।


ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना इस गांव के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई। योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया। जब तनूजा यादव के घर में पहली बार नल से पानी आया, तो वह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। अब उन्हें पानी के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ता। इस सुविधा ने उनके जीवन को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें अपने समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर भी दिया है। जो समय पहले पानी लाने में खर्च होता था, अब वह समय वे परिवार की देखभाल, घर के कामों और बच्चों के साथ बिताने में लगा रही हैं।

स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां दूषित पानी के कारण छोटी-छोटी बीमारियां आम थीं, अब वे समस्याएं काफी हद तक खत्म हो गई हैं। सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव उनके बच्चों के जीवन में आया है। पहले जहां बच्चों को भी पानी लाने में हाथ बंटाना पड़ता था, अब वे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पा रहे हैं। आज तनूजा यादव गर्व और संतोष के साथ कहती हैं कि जल जीवन मिशन ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।

RELATED ARTICLES

30,000 टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र 100% हरित ऊर्जा से संचालित होगा…वायर एवं केबल, पॉलिमर इंसुलेटर, थर्मल इंसुलेशन और ईवी क्षेत्र की बढ़ती...

  बेलगावी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कर्नाटक के बेलगावी में देश का पहला सुपरफाइन PPT ATH (Precipitated Aluminium...

मेगा हेल्थ कैंप एवं रक्तदान कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ… अतिथियों ने कहा इस तरह के...

    रायगढ़। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के विलादत दिवस जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, रायगढ़ एवं जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कमेटी,...

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी छत्तीसगढ़ से जिले की शिक्षिका सुनीता यादव ….छत्तीसगढ़ से एक मात्र इसलिए हुआ चयन …

  सारंगढ़ बिलाईगढ़/ राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन किया गया है। उन्हें शिक्षक...

देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा….कलेक्टर से मुलाकात कर कॉलम एक करने की मांग… कहा अंग्रेजों ने साज़िश...

      रायगढ़। छत्तीसगढ़ यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने  कलेक्टर से मुलाकात कर आगामी जाति जनगणना में यादव समाज की विभिन्न उपजातियों को अलग अलग दर्ज...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments