Friday, August 28, 2026
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गरीबों की छत उजाड़कर नहीं चाहिए विधायक आवास— इस विधायक का सरकार पर सीधा हमला…. कहा- जनप्रतिनिधियों की सुविधा के लिए गरीबों को बेघर करना अमानवीय….जनप्रतिनिधि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए होते हैं ….अधिकारों के हनन के लिए नहीं… मुख्यमंत्री को लिखा तीखा पत्र … नकटी गांव की कार्रवाई पर तत्काल रोक…. सभी पीड़ितों को मिले मुआवजा और

 

 

सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने रायपुर के नकटी गांव में विधायक आवास कॉलोनी के लिए गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को तीखा पत्र लिखा है। विधायक ने साफ शब्दों में कहा है कि “गरीबों के सिर से छत छीनकर बनाया गया विधायक आवास मुझे स्वीकार नहीं है।” उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अमानवीय, अन्यायपूर्ण और संवेदनहीन बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।


मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक चातुरी नंद ने उल्लेख किया है कि रायपुर जिले के नकटी गांव में विधायक आवास कॉलोनी निर्माण के नाम पर लगभग 85 गरीब परिवारों के आशियानों को बरसात के ठीक पहले जल्दबाजी में ध्वस्त किया गया, जिससे वर्षों की मेहनत से अपना छोटा-सा घर बनाने वाले परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हो गए हैं।
विधायक ने लिखा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को गरीबों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए आलीशान सुविधाएं खड़ी करने के लिए। उनका कहना है कि गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना न तो न्यायोचित है और न ही मानवीय मूल्यों के अनुरूप।
अपने पत्र में चातुरी नंद ने स्पष्ट किया कि यदि विधायक आवास कॉलोनी का निर्माण आवश्यक है तो नवा रायपुर सहित अन्य स्थानों पर पर्याप्त सरकारी रिक्त भूमि उपलब्ध है, जहां आधुनिक और सुव्यवस्थित विधायक आवास बनाए जा सकते हैं। इसके लिए किसी गरीब परिवार को बेघर करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि नकटी गांव में चल रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा विधायक आवास कॉलोनी के लिए किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन किया जाए।
विधायक ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गरीब परिवारों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
चातुरी नंद का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब नकटी गांव में गरीबों के मकान तोड़े जाने को लेकर प्रदेशभर में विरोध तेज हो रहा है। विधायक का यह स्पष्ट रुख राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे सकता है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर सरकार से कहा है कि विधायकों के लिए बनने वाले आवास गरीबों के उजड़े हुए आशियानों की कीमत पर नहीं बनने चाहिए।

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