रायगढ़।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने स्मार्ट मीटर हटाने तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को पुनः लागू करने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रेसवार्ता कर चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में आंदोलन चलाये जाने का ऐलान किया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बिजली व्यवस्था संभालने में विफल रही है और जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद अब तक पांच बार बिजली की दरों में वृद्धि की जा चुकी है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ा है। उन्होंने कहा हाल के महीनों में कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके बिजली कनेक्शन की अनुबंध भार क्षमता बढ़ाई जा रही है जबकि नियमों के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता।
जिला अध्यक्ष ग्रामीण नगेंद्र नेगी ने कांग्रेस ने स्मार्ट मीटरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे बिजली की खपत अधिक दर्ज की जा रही है। अधिक खपत का हवाला देकर उपभोक्ताओं का अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है तथा अनुमानित खपत के आधार पर अतिरिक्त राशि जोड़कर बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य अदाणी समूह की कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा बिजली बिल का भार आम जनता पर पड़ रहा है 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना तथा स्मार्ट मीटरों के कारण कथित रूप से अधिक रीडिंग आना आम जनता पर भारी पड़ रहा है।
कांग्रेस ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में संसद में कहा था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं लगाए जा रहे हैं और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है। कांग्रेस का कहना है कि उपभोक्ता की सहमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैरकानूनी है, फिर भी छत्तीसगढ़ में इसे जबरन लागू किया जा रहा है।
जिला कांग्रेस ने कहा प्रदेश के सभी जिलों में पत्रकार वार्ता कर बिजली दरों में बढ़ोतरी का विरोध तथा उसे वापस लेने की मांग की जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के समर्थन में आवेदन भरवाएंगे और बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। दो माह बाद जिलों में एकत्रित आवेदन संबंधित बिजली कार्यालयों में जमा कर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा तथा प्राप्ति रसीद ली जाएगी।
इसके बाद सभी जिलों से प्राप्त आवेदन और रसीदों के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विद्युत मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू श्रेणी में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए जाने का आरोप लगाया गया है। पार्टी के अनुसार भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है, जबकि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में मात्र 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की थी और उस समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में स्मार्ट मीटर संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार किया गया है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर वापस लेने का निर्णय करे

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