रायगढ़। राज्य सभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम आज रायगढ़ प्रवास पर रही इस दौरान एनटीपीसी लारा के प्रभावित युवा बेरोजगारों ने उनसे सर्किट हाउस में मुलाकात कर अपनी पीड़ा को सुनाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आपने संसद में मुद्दे को उठाया इससे उनकी आस जग गई है। एनटीपीसी लारा में छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति को लागू करवाने की माँग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि एनटीपीसी की मेगा परियोजना होने के बावजूद प्रभावित स्थानीय पढ़ें लिखे युवाओं में रोजगार को लेकर भारी सदस्य बनी हुई है। प्रभावितों की मांग को एनटीपीसी प्रबंधन लगातार अनदेखी करता चला आ रहा है इससे स्थानीय पढ़ें लिखे युवा शिक्षित बेरोजगारों में हताशा की स्थिति बनी हुई है। श्रीमती नेताम ने युवाओं की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया।
एनटीपीसी लारा परियोजना से प्रभावित जल-जंगल-जमीन के विस्थापित परिवारों के रोजगार का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2531 के माध्यम से केंद्र सरकार से एनटीपीसी लारा परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि, पुनर्वास तथा प्रभावित परिवारों को रोजगार दिए जाने की स्थिति पर स्पष्ट जवाब मांगा था। 10 अगस्त 2026 को विद्युत मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में दिए गए जवाब में परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
सांसद नेताम ने पूछा था कि क्या एनटीपीसी लारा परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था और छत्तीसगढ़ की आदर्श पुनर्वास नीति के अनुपालन की शर्त पर भूमि एनटीपीसी को लीज पर उपलब्ध कराई गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी थी कि भू-अर्जन से प्रभावित पात्र व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं और अब तक कितने नियमित पदों पर भर्ती हुई है तथा इनमें प्रभावित परिवारों के कितने सदस्यों को नियमित नियुक्ति दी गई है।
केंद्र सरकार के जवाब में सामने आए महत्वपूर्ण आंकड़े
विद्युत मंत्रालय के जवाब के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) द्वारा 2003.69 एकड़ यानी 810.88 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। यह भूमि एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की स्थापना के लिए पट्टे पर उपलब्ध कराई गई।
जवाब में बताया गया कि भूमि अधिग्रहण अवार्ड में निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन किया जाना आवश्यक है। पात्र व्यक्तियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और उपयुक्तता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) के तहत एनटीपीसी लारा द्वारा 1,794 परियोजना प्रभावित परिवारों को एकमुश्त पुनर्वास सहायता तथा 67 परियोजना प्रभावित परिवारों को 30 वर्षों के लिए वार्षिकी दिए जाने की जानकारी दी गई है।
रोजगार के मामले में सरकार ने बताया कि एनटीपीसी लारा में स्वीकृत कुशल श्रेणी के 79 पदों में से अब तक 57 पदों पर नियमित नियुक्तियां की गई हैं।

प्रभावित युवाओं ने सांसद नेताम से की मुलाकात
राज्यसभा में रोजगार का मुद्दा उठाए जाने के बाद एनटीपीसी लारा के प्रभावित एवं बेरोजगार युवाओं ने सांसद फूलो देवी नेताम से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। युवाओं ने कहा कि परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित होने के बाद वर्षों से रोजगार के अधिकार को लेकर वे संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सांसद से मांग की कि पात्र प्रभावित परिवारों के लंबित रोजगार मामलों को सरकार और एनटीपीसी प्रबंधन के समक्ष मजबूती से उठाया जाए।

एक जानकारी के अनुसार एनटीपीसी लारा परियोजना से कुल 2,469 विस्थापित परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया के बाद भी रोजगार का सवाल पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण अवार्ड एवं लीज की शर्तों के आधार पर रोजगार संबंधी प्रावधानों की समीक्षा की जाए, पात्र प्रभावित परिवारों की परिवारवार रोजगार स्थिति सार्वजनिक की जाए। स्वीकृत पदों पर शेष नियुक्तियां शीघ्र की जाएं तथा भविष्य में एनटीपीसी में निकलने वाले पदों में पात्र परियोजना प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाए।
सांसद फूलो देवी नेताम द्वारा राज्यसभा में सवाल उठाए जाने से प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि अब उनके रोजगार के लंबित मामलों पर जिला प्रशासन, एनटीपीसी प्रबंधन और सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई होगी।

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