रायगढ़।
रायगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की समस्याओं को लेकर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने पहल तेज कर दी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जनरल मैनेजर के रायगढ़ आगमन के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर नई ट्रेन संचालन, स्टॉपेज, समयपालन और रेलवे टर्मिनल निर्माण जैसे अहम मुद्दों को उठाते हुए 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

शहर की रेल सुविधाओं को लेकर लंबे समय से उठ रही मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह और सचिव श्याम जायसवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जनरल मैनेजर तरुण प्रकाश से भेंट कर यात्री सुविधाओं एवं ट्रेन परिचालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रायगढ़ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का एक महत्वपूर्ण स्टेशन होने के बावजूद यहां अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। स्टेशन के सौंदर्यीकरण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि समय-सीमा बार-बार बढ़ाई जा रही है, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेड यूनियन ने ट्रेनों की लेटलतीफी को भी गंभीर समस्या बताते हुए विशेष रूप से चांपा-रायगढ़ सेक्शन में समय पालन सुनिश्चित करने की मांग रखी। साथ ही रेल लाइन विस्तार के दौरान यात्री ट्रेनों को बार-बार स्थगित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए जरूरत पड़ने पर मालगाड़ियों को रोके जाने का सुझाव दिया गया।
प्रतिनिधियों ने रायगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि ऐतिहासिक अनुबंध के अनुसार रायगढ़ से गुजरने वाली हर ट्रेन का यहां स्टॉपेज होना चाहिए जिसे लागू किया जाना जरूरी है।

नई ट्रेन सुविधाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें रायगढ़-कोरबा नई ट्रेन, दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन सेवा, बिलासपुर-टिटलागढ़-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन और प्रयागराज के लिए साप्ताहिक ट्रेन शुरू करने की मांग शामिल है। इसके अलावा गोंडवाना एक्सप्रेस में पेंट्री कार की सुविधा और नर्मदा एक्सप्रेस को रायगढ़ से संचालित करने की भी मांग रखी गई।
रेलवे टर्मिनल निर्माण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्ष 1998 में तत्कालीन रेल मंत्री द्वारा रायगढ़ में रेलवे टर्मिनल स्थापित करने की घोषणा की गई थी, लेकिन 27 वर्षों बाद भी यह योजना अधूरी है। उन्होंने मांग की कि रायगढ़ में शीघ्र रेलवे टर्मिनल स्थापित कर उसका नामकरण महाराजा चक्रधर सिंह के नाम पर किया जाए।
जनरल मैनेजर ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में कोषाध्यक्ष सुनील मेघमाला, प्रमोद शराफ, रंगापति बारिक और संजीव सेठी भी शामिल रहे।
ट्रेड यूनियन काउंसिल को उम्मीद है कि इन 11 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक पहल होगी और रायगढ़ को बेहतर रेल सुविधाओं की सौगात मिलेगी।

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