Thursday, August 27, 2026
Homeआम मुद्दे20 दिनों से जारी एन एच एम कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार...

20 दिनों से जारी एन एच एम कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार के रुख पर इन्होंने कहा बर्खास्तगी नहीं, चर्चा कर आदेश जारी करें सरकार 

 

 

रायगढ़. छत्तीसगढ़ मे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16000 कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांग को लेकर विगत 18 अगस्त से हड़ताल पर है. उनके अपनी मांगों पर ध्यान आकृष्ट करने के लिए हड़ताल स्थल पर सरकार के सद्बुद्धि के लिए हवन करा कर, मुंडन कराकर, शव यात्रा निकालकर, चुनरी यात्रा निकाल ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया. साथ ही कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली, खून से पत्र लिखकर विरोध जताया, रंगोली बनाकर संदेश दिया और सरकार द्वारा जारी किए गए निलंबन पत्र को सार्वजनिक रूप से जलाया. लेकिन सारे प्रयास विफल हुए. हड़ताल के 20 दिन हो चुके हैं लेकिन सरकार द्वारा मांगों स्वीकार नहीं किया गया है बल्कि दमनात्मक कार्यवाही करते हुए 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया. ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह ने सरकार की दमनात्मक कार्यवाही की निंदा की है. उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के तहत संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की बात कही गई थी. लेकिन सरकार बनने के बाद विष्णु देव सरकार द्वारा मांगो के परीक्षण के लिए कमेटी बना दी गई लेकिन कमेटी कि अभी तक बैठक भी नहीं हुई है. ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी इस मामले में संजीदा नहीं है जबकि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों के लिए सार्थक प्रयास करते हुए स्थायित्व / जाब सुरक्षा, ग्रेड पे का निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति,नियमित कर्मचारी भर्ती में 50% आरक्षण, स्थानांतरण की सुविधा, नई पेंशन स्कीम का लाभ जैसे आदेश कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है. छत्तीसगढ़ के भी स्वास्थ्य कर्मचारी इसी तरह के आदेश की अपेक्षा कर रहे हैं. शेख कलीमुल्लाह ने कहा है कि विगत 20 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया है.हड़ताल के वजह से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है 20 वर्षों के पश्चात यदि कर्मचारी अपनी स्थाईकरण की मांग कर रहे हैं तो शासन को मोदी की गारंटी से परे भी मानवीय आधार पर भी इस तरह की सुरक्षा दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दमनात्मक कार्यवाही से आंदोलन उग्र होता है, मजबूत होता है. यही वजह है कि प्रदेश के सभी 16000 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों ने अपने इस्तीफा दे दिए हैं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री माननीय श्याम बिहारी जायसवाल एवं मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी से अपील की है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारीयो पर बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के बजाय उनके जायज मांगो के ठोस कार्रवाई करते हुए समुचित आदेश जारी करें और मोदी की गारंटी को लागू करें.

RELATED ARTICLES

30,000 टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र 100% हरित ऊर्जा से संचालित होगा…वायर एवं केबल, पॉलिमर इंसुलेटर, थर्मल इंसुलेशन और ईवी क्षेत्र की बढ़ती...

  बेलगावी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कर्नाटक के बेलगावी में देश का पहला सुपरफाइन PPT ATH (Precipitated Aluminium...

मेगा हेल्थ कैंप एवं रक्तदान कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ… अतिथियों ने कहा इस तरह के...

    रायगढ़। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के विलादत दिवस जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन, रायगढ़ एवं जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कमेटी,...

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी छत्तीसगढ़ से जिले की शिक्षिका सुनीता यादव ….छत्तीसगढ़ से एक मात्र इसलिए हुआ चयन …

  सारंगढ़ बिलाईगढ़/ राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026 के लिए सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव का छत्तीसगढ़ से एकमात्र चयन किया गया है। उन्हें शिक्षक...

देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा….कलेक्टर से मुलाकात कर कॉलम एक करने की मांग… कहा अंग्रेजों ने साज़िश...

      रायगढ़। छत्तीसगढ़ यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने  कलेक्टर से मुलाकात कर आगामी जाति जनगणना में यादव समाज की विभिन्न उपजातियों को अलग अलग दर्ज...
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments