रायगढ़। शहर से लगे गढ़उमरिया क्षेत्र में प्रस्तावित मैसर्स रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड के क्षमता विस्तार को लेकर लगातार बढ़ते जनविरोध के बीच अंततः 2 जुलाई 2026 को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को स्थगित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रायगढ़ कलेक्टर के अनुरोध पर अपरिहार्य कारणों से आगामी आदेश तक जनसुनवाई स्थगित की जाती है।
कंपनी द्वारा अपने मौजूदा फेरो अलॉय प्लांट का विस्तार कर इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट विद कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्तावित विस्तार में फेरो अलॉय उत्पादन क्षमता को 30,000 टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 42,900 टन प्रतिवर्ष करने के साथ-साथ 0.2415 एमटीपीए डीआरआई प्लांट, 0.224 एमटीपीए एसएमएस विद कास्टर, 0.20 एमटीपीए रोलिंग मिल, 50 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट (20 मेगावाट WHRB एवं 30 मेगावाट AFBC/CFBC), 200 टीपीडी सिंटर प्लांट, 10 टीपीएच मेटल रिकवरी प्लांट, 15 टीपीएच रीहीटिंग फर्नेस, 5000 एनएम³ प्रति घंटा प्रोड्यूसर गैस प्लांट, 0.0429 एमटीपीए पिग आयरन, 0.0858 एमटीपीए फेरो क्रोम ब्रिकेट प्लांट, 30 टीपीएच स्लैग क्रशर, फ्लाई ऐश ब्रिक प्लांट तथा 2.513 हेक्टेयर से बढ़ाकर 11.029 हेक्टेयर तक क्षेत्र विस्तार का प्रस्ताव शामिल था।
इन प्रस्तावों को लेकर शहर और आसपास के नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लगातार विरोध दर्ज कराया। रायगढ़ बचाओ लडेंगे रायगढ़ के विनय शुक्ला का कहना था कि गढ़उमरिया क्षेत्र रायगढ़ शहर से सटा हुआ है और पहले से ही शहर व आसपास का इलाका औद्योगिक प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में संयंत्र का विस्तार होने से वायु प्रदूषण, धूल, धुएं और पर्यावरणीय दुष्प्रभाव और अधिक बढ़ेंगे, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन एवं पर्यावरण विभाग को लिखित आपत्तियां भी सौंपी थीं। लोगों का कहना था कि पर्यावरणीय प्रभावों का समुचित आकलन किए बिना इतनी बड़ी औद्योगिक परियोजना को अनुमति देना शहर के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
लगातार बढ़ते जनदबाव और चौतरफा विरोध के बीच जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण मंडल से जनसुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसके बाद मंडल ने 2 जुलाई 2026 को प्रस्तावित जनसुनवाई को आगामी आदेश तक स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इसे जनता की एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और आम लोगों के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन-प्रशासन भविष्य में भी जनता की भावनाओं और पर्यावरणीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस क्षमता विस्तार प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगा। और भविष्य में क्षमता विस्तार के लिए अनुमति नहीं प्रदान करेगा।

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