रायगढ़। चक्रधर समारोह की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने इस बार आयोजन को अधिक व्यवस्थित, गरिमापूर्ण के साथ मितव्ययी के साथ सफल आयोजन बनाने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को कलेक्टोरेट में आयोजित प्रेसवार्ता में कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने 14 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले 41वें चक्रधर समारोह की तैयारियों और प्रशासन की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह की सफलता के लिए फंड की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक और मितव्ययिता के दायरे में आने वाले खर्चों में कटौती की गई है।
कलेक्टर ने कहा कि पिछले आयोजनों की गलतियों से सीख लेते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा रहा है। कलाकारों के चयन में गुणवत्ता के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को बड़े मंच पर पर्याप्त स्थान मिल सके।
मानदेय के सवाल पर बोले कलेक्टर कलाकार के स्तर और मंच पर निर्भर करता है। प्रेसवार्ता में कलाकारों के मानदेय को लेकर पूछे गए सवाल पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि कलाकारों का मानदेय बेबाक तरीके से जवाब दिया। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस कलाकार को मंच बुला रहा है और कौन मंच पर आने की मंशा रखता है दोनों में फर्क को बताते हुए मानदेय पर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने संकेत दिया कि आयोजन में खर्च को लेकर संतुलन रखा जाएगा और गैरजरूरी मदों में खर्च कम कर कला कार्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर रहेगा।
उन्होंने कहा कि समारोह केवल बड़े नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ एक ही मंच मिले।
दस दिन देशभर के कलाकारों से गुलजार रहेगा मंच
14 से 23 सितंबर तक चलने वाले समारोह में पद्मश्री डॉ. उषा बारले, अनुज शर्मा, डॉ. भारती बंधु, रामलाल बरेठ सहित देशभर के ख्यात कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। वहीं समापन अवसर पर पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति की विशेष संगीत संध्या आकर्षण का केंद्र रहेगी। 19 सितंबर को हास्य-व्यंग्य एवं काव्य संध्या भी आयोजित होगी।
समारोह में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, कथकली, पंडवानी, लोक संगीत और विभिन्न वाद्य प्रस्तुतियों के साथ रायगढ़ एवं छत्तीसगढ़ के कलाकारों को भी मंच मिलेगा। समारोह के साथ 16-17 सितंबर को कुश्ती और 20-21 सितंबर को कबड्डी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर ने बताया कि कलाकारों के आवागमन, ठहरने, मंच, साउंड-लाइट, सुरक्षा, यातायात और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 23 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में समारोह का समापन होगा। और इसी दिन सियाधेश म्यूजिक बैंड की गायन प्रस्तुति होगी।समापन दिवस पर म्यूजिक बैंड की प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेगी।

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