रायगढ़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध अब रायगढ़ में भी सड़क पर उतर आया। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेस ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस की बैरिकेडिंग ने प्रदर्शनकारियों का रास्ता रोका तो माहौल गरमा गया। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान की स्थिति बनी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
SIR और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। और इसी तर्ज पर रायगढ़ कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया । कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई।
कांग्रेस ने SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़े जाने और हटाए जाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं, उन्हें अपनी बात रखने, सुनवाई और अपील का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की IT एवं डेटा व्यवस्था में किए गए बदलावों तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और उनके आधार की भी स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित आपत्तियों का मुद्दा भी उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की गई।
बैरिकेडिंग के सामने बढ़ा तनाव, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की/-
विरोध मार्च के कलेक्ट्रेट पहुंचते ही प्रदर्शन का तेवर और तीखा हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित होने की स्थिति में उसे सुनवाई और अपनी आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग-
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनकी भूमिका से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग रखी गई। इसके साथ ही SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक जांच, प्रभावित मतदाताओं को सुनवाई एवं अपील का अवसर देने, निर्वाचन आयोग की IT एवं डेटा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों को पारदर्शी बनाने की मांग की गई।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के भीतर दर्ज कथित औपचारिक आपत्तियों की भी स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई। पार्टी का कहना है कि चुनाव और मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं, इसलिए इनके संबंध में उठ रहे सवालों का पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से परीक्षण होना चाहिए।
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