खरसिया। रायगढ़ जिला के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर ग्राम कुनकुनी स्थित रेलवे पुल इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बना हुआ है। बरसात के दिनों में यहां सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जबकि सामान्य दिनों में अचानक ढलान और सीमित ऊँचाई के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिक इसे निर्माण और योजना संबंधी चूक का परिणाम मान रहे हैं।

बताया जाता है कि लगभग पांच वर्ष पहले हाईवे चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ काटकर सड़क का स्तर बदला गया, लेकिन रेलवे लाइन वाले हिस्से में पुल की ऊँचाई बढ़ाने के बजाय सड़क को नीचे कर दिया गया। इसके कारण यह स्थान गहरे कटोरे जैसा बन गया है, जहां बारिश का पानी जमा हो जाता है और वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन फंस जाते हैं तथा लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है।
सड़क किनारे बनी नालियां भी अधूरी और अव्यवस्थित बताई जा रही हैं। निर्माण के दौरान छोड़ा गया मलबा अब तक साफ नहीं किया गया, जिससे पानी की निकासी और अधिक बाधित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि निगरानी और जिम्मेदारी की कमी को भी दर्शाता है।
बरसात के अलावा सामान्य दिनों में भी यह स्थान सुरक्षित नहीं माना जा रहा। अचानक नीचे जाती सड़क, अपर्याप्त चेतावनी संकेत और रात के समय प्रकाश की कमी के कारण छोटे-बड़े हादसे होते रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने रेलवे पुल की ऊँचाई का पुनर्मूल्यांकन, सड़क का वैज्ञानिक पुनर्निर्माण, स्थायी जलनिकासी व्यवस्था, उच्च स्तरीय जांच तथा रात्रिकालीन प्रकाश और चेतावनी संकेत की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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