रायगढ़।
कार्मेल हायर सेकंडरी विद्यालय में बीते दिवस मेगा शिक्षक अभिभावक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे पालक अभिभावक पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही अपने विचार भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखे।
कार्यशाला में इस बात पर व्यापक चर्चा हुई कि अच्छे संस्कार एवं शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना हर अभिभावकों का कर्तव्य होता है और बच्चे इसके
अनरूप पूरी लगन से मेहनत कर अपने मुकाम तक पहुंचते हैं तब अभिभावक गर्व महससू करते है। अभिभावकों की भूमिका बच्चों के सर्वांगीण
विकास में बहुत महत्वपूर्ण है। सही दिशा निर्देश और मार्गदर्शन से बच्चे एक स्वस्थ और सफल जीवन जी सकते हैं।

आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों ने कहा कि अभिभावक- शिक्षक बठैक स्कूली शिक्षा का एक महत्वपूर्ण घटक है क्योंकि इसमें अभिभावकों को शिक्षकों से जड़ुने, अपने बच्चे की शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा करने और उसकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए रणनीतियाँ बनाने का अवसर मिलता है। बच्चों के सफल शैक्षणिक अनभुव को बढ़ावा देने के लिए अभि भावक- शिक्षक बठैक आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कार्मेल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायगढ़ में पालक -शिक्षक बठैक का आयोजन बीते 11 अक्टूबर 2025 को स्कूल प्रबधंक द्वारा किया गया ।
जिसमें विद्यालय के वरिष्ठ और अनभुवी शिक्षक श्री राजय महाले द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी अभिभावकों को मार्ग दर्शन दिया गया और उनसे उनके सझुाव लिए गए।
बैठक मे प्राचार्या सिस्टर सितारा ने अभिभावकों को दिशा-निर्देश दिये और अपने अनभुव, सझुाव विद्यालय की प्रगति के लिए देने को कहा। वरिष्ठ शिक्षक विनय पांडे और श्रीमती लता बघेल ने बच्चों को रोज विद्यालय भेजने के लिए अभिभावकों से अनरुोध किया ,वरिष्ठ शिक्षि का श्रीमती रेखा चौबे और श्रीमत जीवन्ति ने बच्चों में सर्वांगीण विकास के लिए सझुाव दिए और कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती स्वाति दुबे और मिस सपना ने किया ।
प्रतिदिन अभिभावक अपने बच्चों को इसलिए विद्यालय भेजते हैं, कि वह अच्छी शिक्षा ग्रहण करके, सफल
नागरिक बने,अच्छा इंसान बने।
पालक की आशा होती है कि उसका बच्चा रोज कुछ नया सीखकर घर आये और जब बच्चा यह बताता है कि मेरे शिक्षक ने मुझे आज यह नई बाते बताई, यह ज्ञान दिया तो उसके पालक को गर्व होता है कि मेरा बच्चा जरूर एक दिन इस तरह की शिक्षा लेकर एक सफल इंसान बनेगा । इस बात को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राजय महाले ने तीन चरणों में छठवीं सेआठवीं, नौवीं से दसवीं एवं 11वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को पीपीटी के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से कार्यशाला का आयोजन करके उन्हें दिशा -निर्देश दिए गये। विद्यार्थियों की कार्यशाला में उनका विषय – “मैं अच्छी विद्यार्थी और बेटी कैसे बन सकती हूं”? शिक्षक ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से बच्चों को पढ़ाई करने के तरीके,परीक्षा की तैयारी, घर पर किस प्रकार मम्मी- पापा की सहायता करें, उनसे सलाह ले,आपना काम खदु करे,उनके सपनों को कैसे साकार करें और अन्य
विषयों पर पीपीटी – वीडियों के माध्यम से प्रस्ततु कर समझाया।
अतं में एक मनोवैज्ञानिक प्रश्नोत्तरी के द्वारा बच्चों के इस विषय को जांच-परखा। विद्यार्थियों को इस कार्यशाला में काफी आनदं आया।
अंत में महाले सर ने कहा कि
मायसू मत होना जिदंगी से,किसी भी वक्त तेरा नाम बन सकता है,अगर दिल में हो आग और हौसले। बुलंद तो, हमारा बच्चा भी कलाम बन सकता है, और नाम रोशन कर सकता है। “

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