रायगढ़।
राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़, तहसील रायगढ़ के बैनर तले पटवारियों ने अपनी वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष कड़ा रुख अपनाया है। संघ द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि शासन के आदेशों के विपरीत पटवारियों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, जिससे कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी के दौरान भौतिक सत्यापन के नाम पर पटवारियों को किसानों से राशि वसूली के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो न केवल नियम विरुद्ध है बल्कि उनकी छवि को भी धूमिल कर रहा है। वहीं रिंग रोड एवं अन्य परियोजनाओं में भूमि अर्जन के दौरान बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए दबावपूर्वक कार्य कराया जा रहा है।
इसके अलावा वेतन विसंगति, समयमान वेतनमान से वंचित पटवारी, सड़क दुर्घटना में मृतक पटवारी परिवारों को अब तक सहायता राशि न मिलना जैसे गंभीर मुद्दे वर्षों से लंबित हैं।

पटवारी संघ ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोटोकॉल ड्यूटी के दौरान निजी संसाधनों का उपयोग करने को मजबूर किया जाता है। अवकाश घोषित होने के बावजूद लाभ नहीं दिया जाता और निलंबित पटवारियों के मामलों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो पटवारी संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा और जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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